Key facts
- बसीज की स्थापना 1979 में आयतुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी द्वारा की गई थी।
- अंदाजन इसके सदस्यों की संख्या लाखों में है, जिनमें सक्रिय और आरक्षित दोनों शामिल हैं (काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस)।
- बसीज इस्लामी नैतिक कानूनों को लागू करने के लिए मोरालिटी पुलिस के साथ मिलकर काम करता है।
- सितंबर 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को दबाने में बसीज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- बसीज के सदस्य ईरान के स्कूलों और विश्वविद्यालयों में सक्रिय रूप से भर्ती होते हैं और मौजूद होते हैं।
- ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान बसीज द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग और गोलीबारी के कई मामलों का दस्तावेजीकरण किया है।
बसीज: परिचय और इसकी संरचना
बसीज, जिसका पूरा नाम 'बसीज प्रतिरोध बल' है, ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक अर्धसैनिक स्वयंसेवी शाखा है। इसकी स्थापना 1979 में इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य क्रांति का बचाव करना और समाज में इस्लामी मूल्यों को बढ़ावा देना था। आज, बसीज ईरान की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक नियंत्रण और शासन की विचारधारा को लागू करने में एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों और विश्वविद्यालयों तक, पूरे देश में अपनी उपस्थिति बनाए रखता है।
बसीज की संरचना अत्यधिक केंद्रीकृत है और यह सीधे IRGC के कमांडरों और अंततः सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के प्रति जवाबदेह है। इसके सदस्यों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल होते हैं, जिनमें छात्र, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी और आम नागरिक शामिल हैं। ये स्वयंसेवक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और विभिन्न प्रकार के कार्यों में संलग्न होते हैं, जिनमें गश्त, निगरानी, विरोध प्रदर्शनों का दमन, और सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन शामिल है। यह संगठन शासन की विचारधारा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विरोध प्रदर्शनों का दमन: एक केंद्रीय भूमिका
बसीज की सबसे प्रमुख भूमिकाओं में से एक ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और असंतोष का दमन करना है। ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे संगठनों ने कई मौकों पर बसीज पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक और घातक बल प्रयोग का आरोप लगाया है। सितंबर 2022 में महसा अमिनी की हिरासत में मौत के बाद शुरू हुए देशव्यापी 'महिला, जीवन, स्वतंत्रता' आंदोलन के दौरान बसीज के सदस्यों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने, गिरफ्तार करने और हिंसा का इस्तेमाल करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बसीज के सदस्य अक्सर सादे कपड़ों में काम करते हैं ताकि उनकी पहचान मुश्किल हो, लेकिन उनके पास लाठी, चाकू, आंसू गैस और कभी-कभी आग्नेयास्त्र भी होते हैं। ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने दस्तावेजीकरण किया है कि इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोग मारे गए, जिनमें से कई की मौत बसीज और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी के कारण हुई। ज़ाहेदान जैसे शहरों में, बसीज के सदस्यों ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोली चलाई, जिसके परिणामस्वरूप भारी हताहत हुए। इन कार्रवाइयों ने बसीज की छवि को जनता के बीच एक दमनकारी बल के रूप में मजबूत किया है।
| घटना | वर्ष | अनुमानित मौतें (IHR) | मुख्य बल |
|---|---|---|---|
| नवंबर 2019 विरोध प्रदर्शन | 2019 | 300+ | बसीज, IRGC |
| महसा अमिनी विरोध प्रदर्शन | 2022-2023 | 500+ | बसीज, IRGC, पुलिस |
| कीमत वृद्धि विरोध प्रदर्शन | 2017-2018 | 25+ | बसीज, पुलिस |
| हरित आंदोलन विरोध प्रदर्शन | 2009 | 70+ | बसीज, पुलिस |
नैतिक पुलिसिंग और सामाजिक नियंत्रण
आंतरिक सुरक्षा और प्रदर्शन दमन के अलावा, बसीज ईरान में इस्लामी नैतिक संहिता को लागू करने में भी सक्रिय रूप से शामिल है। यह अक्सर 'मोरालिटी पुलिस' (गश्त-ए इरशाद) के साथ मिलकर काम करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाएं हिजाब के नियमों का पालन करें और सार्वजनिक व्यवहार इस्लामी मानदंडों के अनुरूप हो। बसीज के सदस्य अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर गश्त करते हैं, 'अनुचित' पोशाक या व्यवहार पर चेतावनी देते हैं और लोगों को गिरफ्तार भी कर सकते हैं।
यह भूमिका बसीज को ईरान के नागरिकों के दैनिक जीवन में गहरी पैठ बनाने की अनुमति देती है। वे कैफे, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी करते हैं, सुनिश्चित करते हैं कि युवा पुरुषों और महिलाओं के बीच कोई अनैतिक संपर्क न हो और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को रोका जा सके। यह सामाजिक नियंत्रण विशेष रूप से उन युवाओं को लक्षित करता है जो अधिक उदार जीवन शैली अपनाना चाहते हैं, जिससे शासन और समाज के बीच तनाव बढ़ता है।
भर्ती और युवा पीढ़ी पर प्रभाव
बसीज अपनी निरंतरता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए युवा पीढ़ी को सक्रिय रूप से भर्ती करता है। यह ईरान के स्कूलों और विश्वविद्यालयों में बसीज इकाइयों के माध्यम से अपनी गहरी पैठ बनाए रखता है। छात्रों को अक्सर बसीज में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिसमें उन्हें शैक्षिक लाभ, सैन्य प्रशिक्षण, और भविष्य में सरकारी नौकरियों तक पहुंच जैसे प्रोत्साहन दिए जाते हैं। ईरानवायर और बोरोमंद सेंटर ने इन भर्ती प्रथाओं का दस्तावेजीकरण किया है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे बच्चों को कम उम्र से ही शासन की विचारधारा में ढालने का प्रयास किया जाता है।
इन शैक्षिक संस्थानों में बसीज की उपस्थिति छात्रों के बीच भय और आत्म-सेंसरशिप का माहौल पैदा करती है। छात्र अपनी राय व्यक्त करने या सरकार की आलोचना करने से डरते हैं, क्योंकि बसीज के मुखबिर हर जगह मौजूद हो सकते हैं। यह रणनीति शासन को युवा पीढ़ी को नियंत्रित करने और भविष्य के विरोध आंदोलनों को विफल करने में मदद करती है, लेकिन साथ ही युवा आबादी में गहरी नाराजगी और असंतोष को भी बढ़ावा देती है।
गोलीबारी और मानवाधिकार उल्लंघन
बसीज पर मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक मानवाधिकार उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल और ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने कई रिपोर्टों में बसीज के सदस्यों द्वारा विरोध प्रदर्शनों के दौरान निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोलीबारी के मामलों का दस्तावेजीकरण किया है। नवंबर 2019 के विरोध प्रदर्शनों और फिर 2022 के 'महिला, जीवन, स्वतंत्रता' आंदोलन के दौरान, बसीज और अन्य सुरक्षा बलों की गोलीबारी में सैकड़ों लोग मारे गए।
इन रिपोर्टों में बताया गया है कि बसीज के सदस्यों ने अक्सर महत्वपूर्ण अंगों को निशाना बनाया, जिससे घातक चोटें आईं। घायलों को चिकित्सा सहायता से वंचित करने और मृतकों के शवों को उनके परिवारों को सौंपने से इनकार करने के भी आरोप लगे हैं। बसीज द्वारा की गई ये कार्रवाइयां अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन हैं और ईरानी शासन की कठोर दमनकारी रणनीति को उजागर करती हैं। इन उल्लंघनों के लिए शायद ही कभी किसी को जवाबदेह ठहराया जाता है, जिससे दमन की संस्कृति बनी रहती है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भविष्य की चुनौतियाँ
बसीज की कार्रवाइयों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक निंदा की गई है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका ने बसीज के कई कमांडरों और संबंधित संस्थाओं पर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध शासन पर दबाव डालने और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हैं, हालांकि जमीन पर उनका प्रभाव सीमित रहा है।
भविष्य में, बसीज ईरान के शासन की स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बना रहेगा। जैसे-जैसे देश में आर्थिक संकट और सामाजिक असंतोष बढ़ता है, बसीज की दमनकारी भूमिका और अधिक प्रमुख हो सकती है। हालांकि, यह भी सच है कि अत्यधिक दमन अक्सर लंबे समय में अधिक तीव्र प्रतिरोध को जन्म देता है। ईरान के लोगों और मानवाधिकार संगठनों के लिए बसीज की गतिविधियों पर नज़र रखना और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की मांग करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहेगी।
Takeaways
- बसीज ईरान के शासन की आंतरिक सुरक्षा और वैचारिक नियंत्रण का एक महत्वपूर्ण साधन है।
- इसने पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शनों को दबाने में केंद्रीय भूमिका निभाई है, जिसमें घातक बल का प्रयोग भी शामिल है।
- बसीज युवाओं और छात्रों को भर्ती करने के लिए स्कूलों और विश्वविद्यालयों में व्यापक रूप से मौजूद है, जिससे इसकी पहुंच गहरी होती है।
- मानवाधिकार संगठन बसीज पर मनमानी गिरफ्तारी, यातना और अत्यधिक बल प्रयोग सहित गंभीर उल्लंघनों का आरोप लगाते रहे हैं।
- बसीज का अस्तित्व और कार्यप्रणाली ईरानी नागरिकों के लिए एक सतत खतरा प्रस्तुत करती है, विशेषकर असंतुष्टों के लिए।
Frequently asked questions
बसीज कौन हैं और वे ईरान में क्या करते हैं?
बसीज, जिसे बसीज प्रतिरोध बल के रूप में भी जाना जाता है, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक अर्धसैनिक स्वयंसेवी शाखा है। वे मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने, और इस्लामी नैतिक संहिता को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं। बसीज अक्सर ईरान की मोरालिटी पुलिस के साथ मिलकर काम करता है और शासन की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी संलग्न रहता है। (एमनेस्टी इंटरनेशनल, 2023)
बसीज की स्थापना कब हुई और इसका क्या उद्देश्य था?
बसीज की स्थापना 1979 में ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद आयतुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के आदेश पर हुई थी। इसका मूल उद्देश्य इस्लामी क्रांति का बचाव करना और समाज में इस्लामी मूल्यों को बढ़ावा देना था। ईरान-इराक युद्ध के दौरान, बसीज ने महत्वपूर्ण सैन्य भूमिका निभाई, लेकिन युद्ध के बाद यह मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा और वैचारिक नियंत्रण पर केंद्रित हो गया। (काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस, 2018)
बसीज प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई करता है?
बसीज प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए जाना जाता है, जिसमें भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अत्यधिक बल का प्रयोग शामिल है। मानवाधिकार संगठनों ने आंसू गैस, लाठीचार्ज, वाटर कैनन, और कुछ मामलों में, निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के उपयोग का दस्तावेजीकरण किया है। वे मनमानी गिरफ्तारी, हिरासत में दुर्व्यवहार, और कभी-कभी यातना में भी शामिल होते हैं। (ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR), 2023)
बसीज बच्चों और युवाओं को कैसे भर्ती करता है?
बसीज व्यापक रूप से स्कूलों और विश्वविद्यालयों में सक्रिय रूप से युवाओं और बच्चों को भर्ती करता है। वे शैक्षिक संस्थानों में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिसमें छात्रों को इस्लामी क्रांति के सिद्धांतों और शासन के प्रति वफादारी की शिक्षा दी जाती है। छात्रों को अक्सर बसीज में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और विशेषाधिकार प्रदान किए जाते हैं। (ईरानवायर, 2020)
बसीज की सदस्यता कितनी बड़ी है और इसमें कौन शामिल होता है?
बसीज की सटीक सदस्यता संख्या का खुलासा ईरान सरकार द्वारा नहीं किया जाता है, लेकिन अनुमान है कि इसमें लाखों सदस्य हैं, जिनमें सक्रिय सदस्य, रिजर्व और स्वयंसेवक शामिल हैं। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल होते हैं, जिनमें से कई छात्र, सरकारी कर्मचारी और विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग होते हैं। बसीज के सदस्य अक्सर धार्मिक और वैचारिक रूप से शासन के प्रति वफादार होते हैं। (बीबीसी, 2022)
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